गुरु 4वें · शनि 12वें भाव में
मेष
गुरु: सुख-संपत्ति योग — गृह कार्य शुभ。
शनि: साढ़े साती आरंभ — व्यय नियंत्रित करें。
✦ शनिवार को दान व हनुमान चालीसा; गुरुवार को पीले वस्त्र/चने का दान
गुरु 3वें · शनि 11वें भाव में
वृषभ
गुरु: मिश्रित — प्रयास से फल。
शनि: शनि लाभेश — स्थिर आय。
✦ गुरुवार को पीली वस्तु का दान व गुरु-मंत्र; सत्कर्म व नियमित साधना
गुरु 2वें · शनि 10वें भाव में
मिथुन
गुरु: धन-कुटुंब में गुरु कृपा — बचत बढ़ेगी。
शनि: कर्म में कठोर परिश्रम — पद-प्राप्ति。
✦ गुरुवार को पीली वस्तु का दान व गुरु-मंत्र; सत्कर्म व नियमित साधना
गुरु 1वें · शनि 9वें भाव में
कर्क
गुरु: गुरु लग्न पर — मान-सम्मान वृद्धि。
शनि: भाग्य में विलंब, धर्म से लाभ。
✦ गुरुवार को पीली वस्तु का दान व गुरु-मंत्र; सत्कर्म व नियमित साधना
गुरु 12वें · शनि 8वें भाव में
सिंह
गुरु: व्यय भाव — दान-पुण्य से लाभ。
शनि: अष्टम शनि — जोखिम से दूर रहें。
✦ शनिवार को दान व हनुमान चालीसा; गुरुवार को पीले वस्त्र/चने का दान
गुरु 11वें · शनि 7वें भाव में
कन्या
गुरु: सर्वोत्तम — बड़े लाभ के योग。
शनि: दांपत्य में धैर्य चाहिए。
✦ गुरुवार को पीली वस्तु का दान व गुरु-मंत्र; सत्कर्म व नियमित साधना
गुरु 10वें · शनि 6वें भाव में
तुला
गुरु: करियर में गुरु-कृपा — पदोन्नति योग。
शनि: शनि उत्तम — शत्रु-रोग पराजित。
✦ गुरुवार को पीली वस्तु का दान व गुरु-मंत्र; सत्कर्म व नियमित साधना
गुरु 9वें · शनि 5वें भाव में
वृश्चिक
गुरु: भाग्योदय काल — धर्म-यात्रा शुभ。
शनि: संतान/शिक्षा में विलंब संभव。
✦ गुरुवार को पीली वस्तु का दान व गुरु-मंत्र; सत्कर्म व नियमित साधना
गुरु 8वें · शनि 4वें भाव में
धनु
गुरु: आकस्मिक लाभ संभव, पर सावधानी。
शनि: ढैय्या — घर-मन में बोझ, धैर्य रखें。
✦ शनिवार को दान व हनुमान चालीसा; गुरुवार को पीले वस्त्र/चने का दान
गुरु 7वें · शनि 3वें भाव में
मकर
गुरु: विवाह/साझेदारी के शुभ योग。
शनि: शनि शुभ — पराक्रम से जीत。
✦ गुरुवार को पीली वस्तु का दान व गुरु-मंत्र; सत्कर्म व नियमित साधना
गुरु 6वें · शनि 2वें भाव में
कुंभ
गुरु: गुरु नीच भाव — स्वास्थ्य/ऋण पर नज़र。
शनि: साढ़े साती अस्त — धन-वाणी में संयम。
✦ शनिवार को दान व हनुमान चालीसा; गुरुवार को पीले वस्त्र/चने का दान
गुरु 5वें · शनि 1वें भाव में
मीन
गुरु: संतान-विद्या में उत्तम — मंत्र सिद्धि。
शनि: ढैय्या/साढ़े साती प्रभाव — मेहनत दुगनी, फल धीरे。
✦ गुरुवार को पीली वस्तु का दान व गुरु-मंत्र; सत्कर्म व नियमित साधना
सामान्य गोचर मार्गदर्शन — व्यक्तिगत कुंडली भविष्यवाणी नहीं। व्यक्तिगत पढ़ने के लिए पूर्ण रिपोर्ट / Predictions उपयोग करें।